
नई दिल्ली : दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को बीजेपी नेता और पूर्व कुश्ती महासंघ (WFI) प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह की याचिका पर कड़ी टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने महिलाओं पहलवानों द्वारा उनके खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न मामले को रद्द करने की मांग की थी. न्यायाधीश नीना बंसल कृष्णा ने सिंह के एक ही याचिका के माध्यम से आरोप तय करने के आदेश और पूरे प्रकरण को चुनौती देने के निर्णय पर सवाल उठाया.
कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी की, “हर चीज पर एक ही आदेश नहीं हो सकता. अगर आप केवल आरोप तय करने के आदेश को रद्द करवाना चाहते थे, तो आप केवल उस पर आ सकते थे, एक बार जब ट्रायल शुरू हो गया है, तो यह केवल एक अप्रत्यक्ष तरीका है.”
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