
नई दिल्ली : लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान अधीर रंजन चौधरी और अमित शाह में गहमागहमी हो गई। कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने मणिपुर हिंसा पर कहा- जहां राजा अंधा, वहां द्रौपदी का चीरहरण होता है। इस पर शाह ने आपत्ति जताई। उन्होंने स्पीकर से कहा- PM के लिए ऐसे बयान देना गलत है। इन्हें कंट्रोल किया जाए।
पीएम मोदी लोकसभा में पहुंच गए हैं. अविश्वास प्रस्ताव पर पीएम मोदी 4 बजे जवाब देंगे.
कांग्रेस सासंद अधीर रंजन चौधरी के बयान पर सदन में हंगामा हो रहा है. उन्होंने पीएम मोदी को लेकर कहा कि जब धृतराष्ट्र अंधे थे, तब द्रौपदी का वस्त्र हरण हुआ था, आज भी राजा अंधे बैठे हैं. मणिपुर और हस्तिनापुर में कोई फर्क नहीं है. उनके इस बयान का अमित शाह ने उठकर विरोध किया. धीर रंजन चौधरी ने कहा कि नरेंद्र मोदी नीरव मोदी बनकर चुपचाप चुप्पी साधे बैठे हैं. किसी को आहत करने के लिए कुछ नहीं कहा, मणिपुर पर पीएम की चुप्पी बिल्कुल पसंद नहीं है. बीजेपी ने मणिपुर के एमपी को संसद में बोलने का मौका नहीं दिया.
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कांग्रेस सासंद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि आप बहुमत की ताकत से अविश्वास प्रस्ताव पर जीत सकते हैं. लेकिन सवाल ये है कि ये प्रस्ताव लाया क्यों गया. हम लगातार मांग कर रहे थे कि पीएम मोदी सदन में आएं और मणिपुर के मुद्दे पर बयान दें. पीएम ने सदन में न आने की शपथ ली थी. पीएम को हम लोग खींच कर सदन में लाये हैं.
इस दौरान विपक्ष ने वॉकआउट किया, हालांकि कुछ मिनट बाद ही वह सदन में वापस आ गए। इस पर सिंधिया ने तंज किया- देश की जनता ने इन्हें बाहर का दरवाजा दिखा दिया है और ये अब सदन से भी खुद ही बाहर जा रहे हैं। इन्हें अपने अविश्वास प्रस्ताव पर स्वयं ही विश्वास नहीं है। इनके दिल नहीं मिलते, चुनाव के लिए दल मिल गए हैं।
उधर, मणिपुर मुद्दे पर राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी को बुलाने को लेकर विपक्ष ने नारेबाजी की। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- हम पीएम को बुलाना चाहते हैं, लेकिन भाजपा वाले कहते हैं कि वो नहीं आएंगे। वो क्यों नहीं आएंगे? वो आ जाएंगे तो क्या हो जाएगा। वो प्रधानमंत्री हैं, कोई परमात्मा नहीं।
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नारेबाजी बढ़ी तो राज्यसभा 2 बजे तक स्थगित कर दी गई थी। 2 बजे कार्यवाही फिर शुरू हुई और फार्मेसी (संशोधन) विधेयक, 2023 राज्यसभा में पारित हो गया। लोकसभा में यह विधेयक 7 अगस्त को पास हुआ था। इसके बाद हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई।
दोपहर 2 बजे लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश की इकोनॉमी पर स्पीच दी थी। इसके बाद AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में कहा- कल गृहमंत्री ने भारत छोड़ो आंदोलन का जिक्र किया था। अगर इन्हें पता चल जाए कि ‘भारत छोड़ो’ का नारा एक मुसलमान ने दिया था तो अमित शाह भी नहीं बोलेंगे। मैं PM से पूछना चाहता हूं कि क्या देश बड़ा है या हिंदुत्व गोलवलकर की विचारधारा बड़ी है?
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा- प्रजातंत्र के मंदिर में जो दृश्य देख रहे हैं। इस देश की संस्कृति, सद्भाव, विचारधारा निर्मित की जाती है। इस मंदिर से देश की जनता प्रेरणा लेती है। उस मंदिर में ये स्पष्ट हो गया है कि इन लोगों (विपक्ष) को ना देश की चिंता है और ना प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति के पद की चिंता है। इन्हें केवल अपनी हैसियत की चिंता है।
मुझे संसद में 20 साल हो गए। ऐसा दृश्य मैंने दो दशक में नहीं देखा है। देश के प्रधानमंत्री के प्रति जिन शब्दों का इस्तेमाल हुआ, इन्हें देश की जनता के सामने माफी मांगनी चाहिए। ये बोलने के लिए कभी तैयार हो जाते हैं, लेकिन सुनने के लिए तैयार नहीं होते। ना जनता का नतीजा सुनने को तैयार हैं, ना सदन को सुनने को तैयार हैं।
बहुमत के लिए सदन में मौजूद सदस्यों में 50% से 1 अधिक होना चाहिए। भाजपा के लोकसभा में 303 सदस्य हैं। सहयोगियों को मिलाकर आंकड़ा 333 होता है। YSR, BJD और TDP ने भी समर्थन का वादा किया है। कांग्रेस के 51 सदस्य हैं। INDIA गठबंधन को मिलाकर सांसदों की संख्या 143 है।
मोदी सरकार के खिलाफ यह दूसरा अविश्वास प्रस्ताव। पहला 20 जुलाई 2018 को तेलुगु देशम पार्टी लाई थी। 12 घंटे चर्चा के बाद मोदी सरकार को 325 वोट मिले थे। विपक्ष को 126 वोट मिले थे। अब तक 27 बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। पहला प्रस्ताव 1963 में चीन युद्ध के बाद तत्कालीन पीएम नेहरू सरकार के खिलाफ लाया गया था।



