
यमन में अमेरिकी सेना ने 13 हवाई हमले किए हैं। सेना ने यमन की राजधानी सना और हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले तटीय शहर होदेदा को निशाना बनाया। हूतियों के मीडिया कार्यालय ने शनिवार को अमेरिकी हमलों की रिपोर्ट दी। हालांकि, अमेरिकी हमलों में किसी के हताहत होने की तत्काल कोई खबर नहीं है।
हूती विद्रोहियों ने कहा कि अमेरिकी सेना ने लाल सागर पर होदेदा में एक हवाई अड्डे और एक बंदरगाह को निशाना बनाया है। इससे पहले, अमेरिकी हमले में लाल सागर के बंदरगाह को नुकसान पहुंचा था और 70 से अधिक लोग मारे गए थे। ये हमले नवीनतम हमलों से करीब दो दिन से भी कम समय पहले किए गए थे।
मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अभियानों की देखरेख करने वाली अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा कि वह यमन में हूतियों के खिलाफ हमले जारी रखे हुए है।
हूती द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अमेरिकी सेना ने बृहस्पतिवार को होदेदा प्रांत के रास ईसा बंदरगाह पर हमला किया। इस हमले में 74 लोग मारे गए और 171 अन्य घायल हो गए। यह हमला ईरान समर्थित विद्रोहियों पर अमेरिका द्वारा जारी बमबारी अभियान में सबसे घातक था।
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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने रास ईसा बंदरगाह पर किए गए हमले पर चिंता व्यक्त की। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक के हवाले से गुटेरेस ने शनिवार को कहा कि वे रास ईसा पर हमले के साथ-साथ इस्राइल और शिपिंग मार्गों पर हूती मिसाइल और ड्रोन हमलों को लेकर गंभीर रूप से चिंचित हैं। दुजारिक ने कहा, ‘महासचिव ने याद दिलाया कि अंतरराष्ट्रीय कानून का हर समय सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी से नागरिकों के साथ-साथ बुनियादी ढांचे का सम्मान करने और उनकी रक्षा करने की अपील की।’
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि इस हमले का उद्देश्य यमन के लोगों को नुकसान पहुंचाना नहीं था। सेंट्रल कमांड ने संभावित नागरिक हताहतों के बारे में किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया। वहीं, हूती स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 16 मार्च से अमेरिकी अभियान में लगभग 200 लोग मारे गए हैं।
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होदेदा पर हमले अमेरिका के एक महीने तक चले बमबारी अभियान का हिस्सा रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि ये हमले हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में जहाजों पर किए गए हमलों की वजह से किए गए, जो एक महत्वपूर्ण वैश्विक व्यापार मार्ग है। इसके अलावा, ये हमले अमेरिका के करीबी सहयोगी इस्राइल पर हुए हमलों का भी जवाब थे।



