
रायपुर : छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा के ओरसा घाट में रविवार को स्कूल बस पलटने से 10 लोगों की मौत हो गई। सभी मृतकों के शव बलरामपुर लाए गए। आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसमें पीपरसोत गांव में 7, महाराजगंज में 2 और बुद्धडीह में एक शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक हादसे में कुल 78 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 19 की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों का इलाज छत्तीसगढ़ और झारखंड के अस्पतालों में जारी है। हादसा झारखंड के लातेहार जिले के महुआडांड थाना क्षेत्र में हुआ।
ओरसा घाट में रविवार को बस पलटने से 10 लोगों की मौत हो गई। सभी मृतकों के शव बलरामपुर लाए गए। पीपरसोत गांव में 7 लोगों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। पीपरसोत गांव में 7 लोगों के शव लाए गए हैं।
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प्राथमिक उपचार के बाद सभी को रेफर कर दिया गया। गंभीर रूप से घायलों का इलाज लातेहार, रांची और गुमला के अस्पतालों में किया जा रहा है। रविवार देर रात 25 घायलों को अंबिकापुर लाया गया, जहां एक घायल की मौत हो गई।
बाकी 24 घायलों को मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर में भर्ती कराया गया। वहीं झारखंड से 26 घायलों को बलरामपुर जिला अस्पताल लाया गया। सिविल सर्जन डॉ. शशांक गुप्ता के अनुसार, सभी घायल खतरे से बाहर हैं, हालांकि कई को गंभीर चोटें आई हैं।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया दुख, सहायता राशि की घोषणा
ओरसा घाट में हुई भीषण सड़क हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने दुख जताया किया है। सीएम ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गंभीर घायलों के बेहतर इलाज के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं और मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।


