सुभासपा की प्रदेश महासचिव नंदिनी राजभर मर्डर केस में अभी तक क्या हुआ?

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर में सुभासपा की प्रदेश महासचिव नंदिनी राजभर की दिनदहाड़े हत्या से हड़कंप मचा हुआ है. नंदिनी राजभर अपने घर के कमरे में बिस्तर के नीचे जमीन पर लहूलुहान पड़ी मिलीं. उनके गले पर तेज धार से हमला किया गया था. बताया जा रहा है कि उन्हें कई दिन से धमकियां मिल रही थीं. जमीनी विवाद का एंगल भी सामने आया है. फिलहाल, पुलिस जांच-पड़ताल में जुटी हुई है.
वहीँ, प्राप्त जानकारी के मुताबिक, स्थानीय भू-माफियाओं ने नंदिनी राजभर के चचिया ससुर बालकृष्ण की जमीन बिना पूरा पैसा दिए रजिस्ट्री करवा ली थी. इसके चलते 29 फरवरी को बालकृष्ण ने आत्महत्या कर ली थी. रेलवे ट्रैक पर उनकी लाश मिली थी.
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इस केस में नंदिनी राजभर चचिया ससुर के साथ स्थानीय भू-माफिया श्रवण यादव, ध्रुव चंद यादव और पन्ने लाल यादव के खिलाफ पैरवी कर रही थीं. नंदिनी धोखाधड़ी, धमकी और पैसा नहीं देने के मामले में उपरोक्त तीनों आरोपियों का मुखरता से विरोध कर रही थीं.
वहीँ, मामले में पुलिस ने एक आरोपी पन्ने लाल यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. लेकिन इसी बीच 10 मार्च को नंदिनी राजभर की दिनदहाड़े घर में गला रेतकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने हत्या के मामले में नामजद 5 आरोपियों में तीन आरोपियों को पकड़ लिया है. पकड़े गए आरोपियों में आनंद यादव, ध्रुव चंद्र यादव और एक महिला शामिल है.
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दावा किया जा रहा है कि नामजद यादव आरोपियों ने बालकृष्ण को शराब के नशे में कर उसकी सड़क किनारे कीमती जमीन रजिस्ट्री करवा ली थी, वो भी बिना पूरा पैसा दिए. रजिस्ट्री होने के बाद भी आरोपी बाकी की रकम नहीं दे रहे थे.
इस बीच जब बालकृष्ण की मौत हो गई तो नंदिनी राजभर विरोध में उतर आईं. उन्होंने अपने चचिया ससुर की मौत के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की और कोर्ट-कचहरी में पैरवी शुरू कर दी. इसी के चलते उनकी हत्या हो गई. हालांकि, पुलिस की जांच चल रही है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा.
सुभासपा की प्रदेश महासचिव नंदनी मर्डर केस में एक्शन
DIG बस्ती रेंज आरके भारद्वाज ने 29 फरवरी को बालकृष्ण की आत्महत्या और बीते दिन नंदिनी राजभर की हत्या के मामले में SO खलीलाबाद को लाइन हाजिर कर रेंज ऑफिस से अटैच कर दिया है. पुलिसकर्मियों की लापरवाही की जांच के लिए एडिशनल एसपी बस्ती को जांच सौंप गई है.
साथ ही हत्याकांड की जांच और भूमाफियाओं के द्वारा जमीन लिखाने वालो को चिन्हित कर कार्रवाई करने के लिए एक एसआईटी गठित की है, जिसकी मॉनिटरिंग खुद डीआईजी रेंज बस्ती आरके भारद्वाज करेंगे.
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बता दें कि पूरा मामला संत कबीर नगर जिले के कोतवाली अंतर्गत डिघा का है. जहां बीते दिन सुभासपा महिला मंच की प्रदेश महासचिव नंदिनी राजभर की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई. इस हत्याकांड को नंदिनी के खलीलाबाद के डीघा स्थित आवास में अंजाम दिया गया. जिसके बाद वहां सनसनी फैल गई. देर शाम कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया. पुलिस के शव उठाने की कोशिश पर आक्रोश भड़क उठा. ग्रामीणों और समर्थकों की पुलिस से झड़प भी हो गई. हालांकि, देर रात आश्वासन पर लोग माने और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका.
सुभासपा की प्रदेश महासचिव नंदनी को धमकी मिली रही थी
घरवालों ने बताया कि कुछ दिनों से नंदिनी को धमकी मिली रही थी. इससे वह तनाव में थी. धमकी कौन दे रहा था यह बात घरवालों ने नहीं बताई. नंदिनी की सास आरती देवी के अनुसार, शाम करीब चार बजे वह घर पहुंची तो दरवाजा अंदर से खुला था. वह अंदर पहुंची और नंदिनी को आवाज देने लगीं लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. वह नंदिनी के कमरे में गईं तो वहां अंधेरा था और नंदिनी बेड के पास फर्श पर पड़ी दिखी. उन्होंने आवाज दी लेकिन कोई जवाब नहीं आया तो वह उसके पास गईं और सिर पकड़ कर उठाने की कोशिश की तो वह मृत मिलीं. आसपास खून था. गला भी रेता हुआ था. जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस की टीम पहुंची और फॉरेंसिक टीम ने शव को कब्जे में ले लिया.



