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लोकतंत्र बचाओ आरजकता हटाओ शुभाष तिवारी

अकील मेमन

छुरिया : मतदाता सूची को लेकर लोगों के बीच फैलाए जा रहे भ्रम, लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति विश्वास, मतदाता अधिकारों की सुरक्षा तथा निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मुख्य वक्ता के रूप में सुभाष तिवारी ने कहा। साथ ही कोमल सिंह राजपूत जिला भाजपा अध्यक्ष, दिलीप वर्मा जिला भाजपा अध्यक्ष, एमडी ठाकुर उपाध्यक्ष अनुसूचित जन जाति आयोग, किरण वैष्णव अध्यक्ष जिला पंचायत, गीता साहू पूर्व अध्यक्ष,च चंद्रिका डंडसेना, हिरेंद्र साहू कैलाश शर्मा रविंद्र वैष्णव रोमी भाटिया संजय सिंन्हा, पुन्नऊ राम फूलकऊरा, नेहरू रजक, बीरम मांडवी, गोपाल भुआर्य, बोधन साहू, मीना पुजेरी, राजू गुजराती, राजेश सिंगी, गुलाब गोस्वामी, खिलेश्वर साहू, कामता साहू, हृदय देवांगन, आशीष द्विवेदी, अनिरूध चंद्राकर, शेखर भारद्वाज, अशोक मरकाम, डोमेन्द्र पटेल, रामकुमार मांडवी, चंद्रवंशी, डॉक्टर रिटायर्ड सीओ से सेण्डे, साहब निर्मलकर, जी के आर साहू, कामता प्रसाद तिवारी, तिलक साहू, पूर्णिमा साहू, राकेश ठाकुर, जैन साहब सहित वरिष्ठ समाज से भी शिक्षा विद वकील, डॉक्टर सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित सभी ही मीडिया प्रभारी राधेश्याम शर्मा शिशुपाल साहू सहित प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।उपस्थित प्रबुद्धजनों ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं, संवैधानिक प्रक्रियाओं और निर्वाचन व्यवस्था के प्रति जागरूकता एवं विश्वास भी लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है।सीएम हेल्पलाइन 1076 पर एक कॉल से रिया को मिला छात्रावास, पढ़ाई को मिली नई राह

संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी जानकारी को लेकर नागरिकों को भ्रमित होने के बजाय आधिकारिक एवं विश्वसनीय माध्यमों से सही जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। निर्वाचन आयोग के अनुसार SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, व्यवस्थित एवं अद्यतन बनाना है, ताकि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में रहे और कोई अपात्र नाम शामिल न हो। वक्ताओं ने कहा कि समय के साथ नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, स्थान परिवर्तन, मृत्यु अथवा अन्य कारणों से मतदाता सूची में संशोधन की आवश्यकता होती है और इसी प्रक्रिया के माध्यम से मतदाता सूची को अद्यतन किया जाता है।
यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में नहीं है अथवा किसी प्रकार की त्रुटि है, तो उसके समाधान के लिए निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया के तहत दावा, आपत्ति अथवा सुधार की कार्रवाई की जा सकती है। किसी भी शिकायत या त्रुटि का समाधान लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए। संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से अनेक प्रकार की सूचनाएं तेजी से लोगों तक पहुंचती हैं, इसलिए नागरिकों का जागरूक रहना और सही एवं गलत जानकारी के बीच अंतर समझना बेहद जरूरी है।

बिना सत्यापन के किसी भी सूचना को आगे बढ़ाने से समाज में अनावश्यक भ्रम और अविश्वास की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह तथ्यों की पुष्टि करे और निर्वाचन संबंधी किसी भी समस्या के लिए निर्धारित प्रक्रिया एवं सक्षम अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखे। वक्ताओं ने कहा कि भारत का लोकतंत्र दुनिया की सबसे मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक है और इसकी मजबूती केवल सरकार या राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी है।

लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति सम्मान, मतदान के प्रति जागरूकता, मतदाता सूची में अपने नाम एवं विवरण की जानकारी तथा संवैधानिक प्रक्रियाओं में विश्वास लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ” का संदेश समाज में जागरूकता, सकारात्मक संवाद और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत करने का संदेश है। किसी भी मुद्दे पर असहमति होना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन असहमति को संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त किया जाना चाहिए।

अराजकता या भ्रम का वातावरण लोकतंत्र के हित में नहीं है। कार्यक्रम में उपस्थित प्रबुद्धजनों ने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिले और मतदाता सूची में उसका नाम सुरक्षित रहे, यह लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। साथ ही मतदाता सूची में यदि किसी प्रकार की त्रुटि है तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से ठीक कराया जाना चाहिए।

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की संगोष्ठियों और जनजागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि आम नागरिकों को निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित सही जानकारी मिल सके और वे अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक हो सकें। संगोष्ठी में युवाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि युवा देश के लोकतांत्रिक भविष्य की महत्वपूर्ण शक्ति हैं और उन्हें संविधान, निर्वाचन प्रक्रिया, मतदाता अधिकारों तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका के बारे में सही जानकारी होना आवश्यक है। युवाओं से आह्वान किया गया कि वे सोशल मीडिया पर प्राप्त किसी भी जानकारी को बिना सत्यापन के साझा न करें, बल्कि सही एवं तथ्यपरक जानकारी के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य करें। कार्यक्रम में महिलाओं, ग्रामीण मतदाताओं एवं समाज के प्रत्येक वर्ग की लोकतांत्रिक भागीदारी को भी आवश्यक बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित होगी और प्रत्येक पात्र नागरिक अपने मताधिकार के प्रति जागरूक होगा।

उपस्थित लोगों ने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता की सक्रिय भागीदारी में निहित है। नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने लोकतांत्रिक कर्तव्यों को भी समझें और निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखें, यही मजबूत लोकतंत्र की पहचान है। संगोष्ठी में यह भी कहा गया कि किसी भी नागरिक को SIR या मतदाता सूची से संबंधित कोई शिकायत, आपत्ति या समस्या है तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से सामने रखना चाहिए। लोकतंत्र में शिकायत रखने का अधिकार जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण उसका समाधान संवैधानिक एवं निर्धारित प्रक्रिया से तलाशना भी है।

वक्ताओं ने कहा कि भ्रम और अराजकता के स्थान पर संवाद, जागरूकता और संवैधानिक प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ग्राम कल्लूबंजारी में आयोजित इस संगोष्ठी के माध्यम से उपस्थित प्रबुद्धजनों एवं नागरिकों ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, मतदाता जागरूकता, पारदर्शिता और संवैधानिक प्रक्रियाओं के सम्मान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में रहे, प्रत्येक मतदाता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहे, किसी भी त्रुटि का समाधान निर्धारित प्रक्रिया से हो और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास निरंतर मजबूत बना रहे।

उपस्थित लोगों ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। लोकतंत्र की मजबूती जागरूक नागरिकों की सक्रिय भागीदारी, सही जानकारी, पारदर्शी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विश्वास से सुनिश्चित होती है। इसी संकल्प के साथ भारतीय जनता पार्टी खुज्जी विधानसभा द्वारा आयो

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