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तेंदुए ने 7 पर किया हमला…40 लोगों की टीम ने 8 घंटे में किया रेस्क्यू

बहराइच : उत्तर प्रदेश के बहराइच के पुरवा गांव में घर में घुसे तेंदुए को 8 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पकड़ा गया। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को टेंक्रुलाइज करके पकड़ा है। तेंदुआ का सुबह से ही गांव में दहशत का माहौल बना रहा। गांव में तेंदुआ के घुसने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जहां तेंदुआ छिपा तो उस घर के चारों तरफ जाल बिछा दिया। साथ ही कई टीमें तेंदुए को पकड़ने में लगी थीं। आखिरकार दोपहर 1 बजे सफलता मिली।

मिली जानकरी के अनुसार बता दें कि सुबह 5 बजे के करीब तेंदुए ने गांव के 7 लोगों पर हमला किया। इसमें एक महिला गंभीर है। आस-पास के लोगों ने तेंदुए को घेरा तो वह एक घर में छिपकर बैठ गया था। बमुश्किल उस घर के लोग जान बचाकर बाहर भागे। सूचना पर पहुंची वन विभाग और पुलिस की 40 सदस्यीय टीम ने घर को चारों तरफ से घेर लिया। रेस्क्यू के लिए दो पालतू हथिनी जयमाला और चंपाकली को भी बुलाया गया था। इस दौरान दुधवा नेशनल पार्क से डॉ. दयाशंकर और डॉ. दीपक भी उपस्थित रहे।

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रेंजर कतर्नियाघाट राम कुमार ने बताया, तेंदुए को पकड़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। टेंक्रुलाइज करके तेंदुए को पकड़ा गया है। वन विभाग के अधिकारी, पुलिस के जवान, STPF (Special Tiger Protection Force ) की टीम, WWF (World Wide Forest) की टीम और बाघ मित्र भी आए हुए थे। टीमें संयुक्त रूप से तेंदुए को रेस्क्यू करने में जुटी रहीं। झोपड़ी के चारों तरफ जाल बिछाया गया था। इस समय तेंदुआ पूरी तरीके से सुरक्षित है।

मामला सुजौली थाना क्षेत्र का है। यहां कतर्नियाघाट रेंज के पुरवा गांव के किनारे कब्रिस्तान बना है। गांव की रहने वाली रीता देवी (35) सुबह 5 बजे कब्रिस्तान के पीछे से गुजर रही थीं। तेंदुआ झाड़ियों में पहले से ही छिपा था। रीता को देखते ही तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। रीता के चेहरे पर पंजे से खरोंच मार दिया। रीता के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर गांव के लोग लाठी-डंडे लेकर दौड़ पड़े।

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शुरुआत में लोगों को आता देख तेंदुए ने उन पर भी हमला कर दिया। हमले में संजय, लाल बहादुर, सहदेव, संतोष, मनोज और ऋषिपाल घायल हो गए। तेंदुए के अटैक की जानकारी मिलते ही गांव भर के लोग इकट्ठा होने लगे। इसी बीच, तेंदुआ गांव के लक्ष्मण के घर में घुस गया। यहां पर बाहर लगी चारपाई के नीचे जाकर बैठ गया। ग्रामीणों ने फौरन मामले की जानकारी पुलिस व वन विभाग को दी। घायलों को इलाज के लिए मोतीपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया है।

तेंदुए के हमले में घायल लाल बहादुर ने कहा, “सुबह हो हल्ला हुआ कि शेर आ गया है। मैं उस समय अपने घर पर था। शोर सुनकर मैं भी बाहर गया तो देखा कि तेंदुआ गेहूं के फसलों के अंदर बैठा था। मैं करीब से देखने के लिए चला गया। इतने में वह मेरे ऊपर उछलकर आ गया। किसी तरह लोगों ने मुझे बचाया।”

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रीता देवी के बेटे संजय ने बताया, “मां सुबह किसी काम से बाहर गई थीं। वहां पर तेंदुए ने हमला कर दिया। मां के चेहरे व सिर के मांस को निकाल लिया है। अभी मां की हालत गंभीर बनी हुई है।”

वन दरोगा मयंक पांडे के मुताबिक, सबसे पहले तेंदुआ लक्ष्मण नाम के व्यक्ति के पूस के मड़हे में छिपा था। वहां पर टीम ने हलचल की, तो करीब दो घंटे के बाद वहां से निकलकर बगल के राजमंगल के मकान में जा घुसा। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। जल्द ही तेंदुए को पकड़ा जाएगा। सारी व्यवस्थाएं कर दी गई हैं।

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